महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी लाडली बहना (लाडकी बहिन) योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। इस योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक मदद दी जानी थी। लेकिन हाल ही में सामने आए आंकड़ों ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है।
🚨 बड़ा खुलासा
जानकारी के अनुसार, 14 हजार से ज्यादा पुरुषों ने इस योजना का लाभ उठा लिया।
पुरुषों के अलावा, 2,200 से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों ने भी पात्रता के बावजूद इस योजना के पैसे लिए।
RTI खुलासे में बताया गया कि इस गड़बड़ी से सरकार को 2144 करोड़ रुपये का भारी वित्तीय नुकसान हुआ है।
इतना ही नहीं, कुछ मामलों में फर्जी बैंक खाते खोलकर रकम हड़पने की भी घटनाएं सामने आईं।

🏛️ विधानसभा में चर्चा
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इस घोटाले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि यह घोटाला योजनाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
🕵️♂️ जांच और कार्रवाई
सरकार अब आयकर रिटर्न (ITR) डेटा से क्रॉस-वेरिफिकेशन कर रही है, ताकि केवल योग्य महिलाएं ही योजना का लाभ उठा सकें।
मुंबई पुलिस ने इस योजना के नाम पर चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का भी पर्दाफाश किया है और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
अधिकारी मानते हैं कि यह फर्जीवाड़ा संगठित गिरोहों द्वारा किया गया, जो फर्जी दस्तावेज और खातों का उपयोग कर रहे थे।
⚖️ राजनीतिक प्रतिक्रिया
विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है और कहा है कि यह प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। विपक्षी दलों ने विधानसभा में मांग की है कि सभी दोषी अधिकारियों और बिचौलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
असली लाभार्थियों पर असर
इस घोटाले का सीधा असर उन गरीब महिलाओं पर पड़ा है, जिनके लिए यह योजना शुरू की गई थी। अब सरकार नए सत्यापन नियम लागू करने जा रही है, ताकि वास्तविक पात्र महिलाओं को ही योजना का लाभ मिले।
