कश्मीर के कुलगाम जिले में जारी ऑपरेशन अखाल के नौवें दिन सेना को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। घने अखाल–देवसर के जंगलों में लश्कर-ए-तैयबा (PAFF) के आतंकियों के खिलाफ चल रही मुठभेड़ में 19 राष्ट्रीय राइफल्स के लांस नायक प्रितपाल सिंह और सिपाही हरमिंदर सिंह वीरगति को प्राप्त हो गए।

दोनों जवान उन नौ सैनिकों में शामिल थे, जो मूसलाधार बारिश और खतरनाक पहाड़ी इलाकों के बीच हुई भीषण गोलीबारी में घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी शहादत की खबर आई, जिसने पूरे देश को गम और गर्व से भर दिया।
ऑपरेशन अखाल घाटी के सबसे लंबे और कठिन अभियानों में से एक माना जा रहा है। सेना ने इलाके की घेराबंदी कर रखी है और आतंकियों की तलाश जारी है। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में अब तक कई आतंकी मारे जा चुके हैं, लेकिन इलाके की जटिल भौगोलिक स्थिति और खराब मौसम के कारण मुठभेड़ लंबी खिंच रही है।
रक्षाबंधन के दिन इन दोनों वीरों की कलाई पर राखी नहीं बंधी, बल्कि उनके परिवारों, बहनों और रेजिमेंट के दिलों पर गर्व और पीड़ा का बोझ आ गया। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा की, और उनका साहस, निष्ठा और बलिदान हमेशा राष्ट्र की स्मृतियों में अंकित रहेगा।
