गाजियाबाद के इंदिरापुरम श्मशान घाट जाने वाला रास्ता इन दिनों बदहाली का शिकार है। यहाँ गंदगी और नाले का पानी जमा है, जिससे अंतिम यात्रा में शामिल होने वाले परिजनों को बदबूदार पानी और कचरे से होकर गुजरना पड़ता है। हालात यह हैं कि श्मशान घाट के आसपास गौ माता तक कूड़े-कचरे में भोजन तलाशने को मजबूर हैं।

इस मुद्दे को स्थानीय समाजसेवी अरविंद चौधरी चिन्टू ने फेसबुक पर उठाते हुए नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने लिखा –
👉 “यह सिर्फ़ सड़क की समस्या नहीं, बल्कि संवेदनाओं का अपमान है।
👉 श्मशान घाट का रास्ता साफ-सुथरा और सुरक्षित होना चाहिए, लेकिन अफसोस, यहाँ विकास के दावों की पोल खुल रही है।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की स्थिति में स्वच्छ भारत मिशन और नए भारत की तस्वीर पर सवाल उठते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम गाजियाबाद को तुरंत इस समस्या का समाधान करना चाहिए ताकि अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में परिजनों को सम्मान और सुविधा मिल सके।
