भारतीय संस्कृति में रक्षा बंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, विश्वास और परस्पर सुरक्षा का प्रतीक है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) नौशाद आलम ने रक्षा बंधन के अवसर पर महिला पुलिसकर्मियों, स्कूली छात्राओं और अनाथालय की बहनों से राखी बंधवाकर समाज में भाईचारे और एकता का संदेश दिया।

कार्यालय में महिला पुलिसकर्मियों और छात्राओं ने डीआईजी आलम की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुरक्षा की कामना की। बदले में उन्होंने बहनों को उपहार भेंट किए और उनके सुख, समृद्धि तथा सुरक्षित जीवन की शुभकामनाएं दीं। डीआईजी आलम ने कहा कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था की रखवाली ही नहीं करती, बल्कि समाज के हर वर्ग की सुरक्षा और सम्मान के लिए सदैव तत्पर रहती है।
इसके बाद डीआईजी आलम संत मरियम स्कूल पहुँचे, जहाँ नन्हें-मुन्ने बच्चों ने उन्हें राखी बांधी और उन्होंने मिठाइयाँ तथा चॉकलेट वितरित कर बच्चों के साथ खुशियाँ साझा कीं।
मिशन चैरिटी सोसाइटी के अनाथालय में भी उन्होंने बहनों से राखी बंधवाई और उपहार देकर अपनत्व और करुणा का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर पर मिलने वाला स्नेह और आत्मीयता किसी भी पद या उपलब्धि से कहीं अधिक मूल्यवान है। डीआईजी नौशाद आलम इस अवसर पर केवल एक पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, विश्वास और एकता के संवाहक के रूप में नजर आए।
