गोड्डा।
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर शनिवार को ईसीएल राजमहल परियोजना क्षेत्र स्थित लोहंडिया बाजार में कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनका स्वागत बोरियों विधानसभा के पूर्व विधायक और भाजपा नेता लोबिन हेंब्रम ने अंगवस्त्र और बुके देकर किया।
सोरेन ने इस मौके पर दिशौम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि आज झारखंड में आदिवासी सुरक्षित नहीं हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में आदिवासियों की जमीन लगातार लूटी जा रही है और बाहरी लोग उस पर कब्जा कर रहे हैं। “आदिवासी सरकार होते हुए भी यहां के आदिवासी सुरक्षित नहीं हैं,” उन्होंने कहा।
चंपई सोरेन ने ऐलान किया कि 22 दिसंबर को भोगनाडीह मैदान में 5 लाख से अधिक आदिवासी एकत्र होकर जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के लिए बड़ी जनसभा करेंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड अलग हुए 25 साल हो चुके हैं, लेकिन अब भी यहां के लोगों के अंदर वही दर्द और तकलीफ है। वीर सिद्धू, कान्हु, चांद, भैरव के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि आज संथाल और आदिवासियों की जनसंख्या लगातार घट रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब उनकी सरकार बनेगी, तो संथाल परगना में बाहरी लोगों द्वारा कब्जाई गई जमीन से उन्हें “मक्खी की तरह उखाड़ कर फेंक देंगे”। साथ ही, उन्होंने साहिबगंज, गोड्डा और दुमका में जारी अवैध खनन पर भी सवाल उठाए और सरकार की निष्क्रियता की आलोचना की।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष संजीव मिश्रा, जिला महामंत्री मुरारी चौबे, सिद्धू कान्हु वंशज मंडल मुर्मू, मुखिया अनीता सोरेन, अरुण हेंब्रम और आयोजक सोनालाल सहित कई लोग मौजूद थे।
