अभिवार्ता से बात करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिमन्यु त्यागी ने छांगुर बाबा पर टिप्पणी की :
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में छांगुर बाबा और उनकी टीम के कुछ सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई जांच अब एक व्यक्ति या स्थान तक सीमित नहीं रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ गतिविधियां धार्मिक प्रचार से आगे बढ़कर कानूनी और नैतिक सवाल खड़े कर रही हैं।

इसी बीच आगरा में दो बहनों के लापता होने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया की जांच के दौरान एक युवती की एके-47 के साथ तस्वीर सामने आई है, जिसने जांच को नया मोड़ दिया। साथ ही इन लड़कियों के बैंक खातों में विदेशी लेन-देन और संदिग्ध लोकेशन डेटा ने एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
इन दोनों मामलों में कुछ समानताएं दिखती हैं — जैसे सामाजिक प्रभाव, धार्मिक संवाद, और व्यक्तिगत जुड़ाव की आड़ में नेटवर्किंग।
हम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच रहे हैं, केवल यह कह रहे हैं — “जब सवाल उठते हैं, तो जवाब जांच से मिलने चाहिए, न कि भावनाओं से।”
यदि छांगुर बाबा निर्दोष साबित होते हैं, तो यह न्याय प्रणाली की सफलता मानी जाएगी।
लेकिन यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह स्पष्ट संकेत होगा कि धर्म की आड़ में समाज को गुमराह किया जा रहा है, जिसे समय रहते रोका जाना चाहिए।
