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नए साल पर आरबीआई ने दी सौगात, घर खरीदारों के लिए आई बड़ी खबर

न्यूज़ डेस्क / अभिवार्ता

आरबीआई की मौद्रिक समिति की बैठक के बाद बृहस्‍पतिवार को रिजर्व बैंक गर्वनर शशिकांत दास ने नई नीति की घोषणा की। नए साल पर इस घोषणा के बाद होम लोन लेने वालों की जेब को लाभ होगा। रियल एस्टेट सेक्टर में कुछ समय से जारी तेजी को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की घोषणा के बाद नए साल पर भी जारी रहने की उम्‍मीद है। आरबीआई ने मौद्रिक नीति की समीक्षा के बाद इस वर्ष की पहली तिमाही में रेपो रेट नहीं बढ़ाने का ऐलान किया है। आरबीआई ने इस तिमाही भी रेपो रेट को 6.50 फीसदी पर स्थिर रखने का ऐलान कर दिया है। आरबीआई के इस कदम से होम बायर्स से लेकर रियल एस्टेट सेक्टर को राहत मिली है। बीते करीब एक साल से आरबीआई ने ब्‍याज दरें नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके बाद रियल एस्‍टेट बाजार और घर खरीदारों में खुशी की लहर है।

रियल एस्‍टेट डेवलपर्स की सबसे बड़ी संस्‍था ने जताई खुशी

क्रेडाई एनसीआर के अध्यक्ष और गौड़ ग्रुप के सीएमडी मनोज गौड़ का कहना है कि यह आरबीआई का शानदार निर्णय है। पिछले एक साल से आरबीआई ने रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा है। रियल एस्टेट सेक्टर में लगातार डिमांड बनी हुई है, कमर्शियल सेगमेंट असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और देश की अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है। रेजिडेंशियल सेगमेंट पिछले वर्ष की गति को बनाए रखेगा। मुझे यकीन है कि यह सेक्टर देश भर में पिछली तिमाहियों की तरह उछाल दिखाना जारी रखेगा। रिजर्व बैंक ने कर्ज लेने वालों के साथ साथ कर्ज देने वाले बैंकों को भी बड़ी राहत दी है।

सरकार ने दिया नए साल का तोहफा

प्रदीप अग्रवाल, फाउंडर एवं चेयरमैन, सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड ने कहा, “जैसा कि अपेक्षित था, आरबीआई ने एक बार फिर रेपो दरों को बरकरार रखा है। फरवरी 2023 के बाद से छठी बार लंबे समय तक दरों को नियंत्रित रखने का उद्देश्य आर्थिक विकास की गति को नुकसान पहुंचाए बिना मुद्रास्फीति को बनाये रखना है। नीतिगत दरों में कटौती रियल एस्टेट क्षेत्र जैसे ब्याज-संवेदनशील क्षेत्रों में डेवलपर्स व निवेशकों दोनों के लिए लाभदायक है। यह निर्णय घर खरीदारों को उचित विकल्प चुनने की अनुमति देता है, जिसके परिणामस्वरूप देश की समग्र आर्थिक प्रगति के अनुरूप सभी आवास क्षेत्रों में मांग में वृद्धि होने की उम्मीद है।”

रियलिटी सेक्टर को बढ़ावा मिलने की उम्मीद

अंकुश कौल, चीफ बिजनेस ऑफिसर, एंबिएंस ग्रुप का कहना है, “आरबीआई का यह एक सराहनीय निर्णय है। एक साल हो गया है जब आरबीआई ने रेपो रेट को 6.5% पर स्थिर रखने का फैसला किया है। इससे विकास को बढ़ावा मिलने के साथ रियलिटी सेक्टर को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह निर्णय प्रीमियम हाउसिंग और कमर्शियल सेगमेंट को प्रोत्साहन प्रदान करता है। रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को न बढ़ाने के पीछे देश में आर्थिक प्रगति को जारी रखने, महंगाई को काबू में रखने का भी ध्यान रखा है।”

देश की आर्थिक प्रगति तेजी से जारी

मिगसन ग्रुप के निदेशक यश मिगलानी ने कहा रिजर्व बैंक ने आज 2024 में अपनी पहली बैठक में भी रेपो रेट में कोई वृद्धि नहीं की है। जो निश्चित रूप से रियल एस्टेट सेक्टर के लिए फायदेमंद है। 2023 में पांच बार लगातार रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई परिवर्तन नहीं किया था। रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को न बढ़ाने के पीछे देश में आर्थिक प्रगति को जारी रखने, महंगाई को काबू में रखने का भी ध्यान रखा है। खरीदारों के साथ-साथ निवेशकों के लिए भी यह काफी राहत भरी खबर है। रिजर्व बैंक ने कर्ज लेने वालों के साथ साथ कर्ज देने वाले बैंकों को भी बड़ी राहत दी है।

निवेशकों का उत्‍साह बढ़ेगा

ट्राइसोल रेड के मैनेजिंग डायरेक्‍टर पवन शर्मा ने कहा कि रेपो रेट एक बार फिर से नहीं बढ़ना रियल एस्‍टेट सेक्टर के लिए अच्छी खबर है। बीते एक साल में रेपो रेट का न बढ़ना रियल एस्टेट सेक्टर के लिए हर लिहाज से फायदेमंद साबित हुआ है। खरीदारों के साथ-साथ निवेशकों के लिए भी यह काफी राहत भरी खबर है। निश्चित रूप से इससे बाजार को और मजबूती मिलेगी।

आरबीआई का सकारात्मक निर्णय

ऑरिस ग्रुप के डायरेक्टर अमित गुप्ता ने कहा कि आरबीआई ने एक बार फिर रेपो रेट को 6.5% पर बरकरार रखा है। यह भारतीय रिजर्व बैंक का सकारात्मक निर्णय है। हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। आरबीआई का यह निर्णय रियल एस्टेट उद्योग के लिए राहत की खबर है। प्रॉपर्टी खरीदने के लिए यह एक अच्छा संकेत है। खासकर जिस तरह से प्रॉपर्टी बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में आरबीआई का यह कदम निवेशकों के साथ-साथ घर खरीदारों के लिए गोल्डन पीरियड साबित होगा।

घर खरीदारों और निवेशकों का मनोबल बढ़ाने वाला निर्णय

काउंटी ग्रुप के डायरेक्‍टर अमित मोदी ने कहा कि एक बार फिर से आरबीआई ने रेपो दर में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है जो निश्चित रूप से रियल एस्टेट सेक्टर के लिए फायदेमंद है। खासकर घर खरीदारों और निवेशकों का मनोबल और ऊंचा होगा। इससे स्पष्ट संकेत है कि देश की अर्थव्यवस्था लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है।

निवेशकों का बढ़ेगा विश्वास

रहेजा डेवलपर्स के नयन रहेजा ने कहा कि रियलिटी सेक्टर रेपो रेट बरकरार रखने के आरबीआई के फैसले का स्वागत करता है। आरबीआई के इस कदम से स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा और घर खरीदारों और निवेशकों सहित स्टेक होल्डर के बीच विश्वास बढ़ेगा। हालाँकि, 6.5% पर रेपो रेट 4 साल के उच्चतम स्तर पर बनी हुई है और इसे वापस लेने से अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट को बढ़ावा मिलेगा।

निवेश में होगी वृद्धि

एमआरजी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर रजत गोयल ने कहा कि हाउसिंग मार्केट में सकारात्मक उछाल की उम्मीद करते हुए लगातार रेपो रेट को 6.5% पर स्थिर रखने के आरबीआई के फैसले का स्वागत करते हैं। आवास की बढ़ती लागत के बावजूद स्थिर होम लोन घर खरीदारों को राहत देगा। नतीजतन खरीदारों और डेवलपर्स दोनों को स्थिर ब्याज दरों से लाभ होगा, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर में उपभोक्ता विश्वास और निवेश में वृद्धि होगी। आरबीआई के फैसले से नए लॉन्च और उभरते हॉटस्पॉट में प्रोजेक्ट्स के विस्तार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

विकास को गति देने वाला निर्णय

बेस्ट एग्रोलाइफ के सीएफओ संजीव खरबंदा ने कहा, रेट को 6.5 फीसदी पर अपरिवर्तित रखने का आरबीआई का निर्णय भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है। यह विकास को गति देने के साथ-साथ मुद्रास्फीति को भी नियंत्रण में रखेगा। खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें गवर्नर द्वारा उल्लेख किए गए नुकसानों में से एक थी। हमारा मानना है कि यह रणनीति अच्छा काम करेगी और एग्रो केमिकल सेक्टर इस कदम का स्वागत करता है।

Abhi Varta
Author: Abhi Varta

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